पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना की कार्रवाई पर पहले ही देश में घमासान मचा हुआ है। विपक्ष मोदी सरकार से कार्रवाई के सबूत मांग रहा है। सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या वाकई कार्यवाही में आतंकियों का खात्मा किया गया या सिर्फ पेड़ गिराए गए। इन सभी सवालों के बीच बालाकोट में जिस जगह पर हवाई हमला हुआ था वहां की सेटेलाइट तस्वीर सामने आई है जो मोदी सरकार की परेशानी और बढ़ा सकती हैं।
मोदी सरकार ने दावा किया था कि 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर पुलवामा का बदला ले लिया है। कार्रवाई के बाद से ही पीएम मोदी से लेकर तमाम पार्टी नेता सरकार की पीठ थपथपा रहे हैं। मोदी सरकार तो यह तक कह रही है कि जो यूपीए सरकार न कर सकी वह हमने कर दिखाया। हालांकि केंद्र सरकार के दावों पर विपक्ष को जरा भी यकीन नहीं है। विपक्ष मांग कर रहा है कि सरकार दुश्मनों के खात्मे की पूरी जानकारी दें, जिसे लेकर सरकार और विपक्ष आमने- सामने है। मगर अब सेटेलाइट की कुछ तस्वीर सामने आई है जिनके आधार पर एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि बालाकोट में जिस जगह पर हवाई हमला हुआ वहां अभी भी जैस का मदरसा जस का तस बना हुआ है। हालांकि भारतीय वायु सेना का दावा है कि उन्होंने अपने 80% टारगेट को हिट किया है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित एक निजी सेटेलाइट से ली गई यह तस्वीर 4 मार्च की है, जिसमें में देखा जा सकता है कि बालाकोट में अभी भी जैस के 6 मदरसे बने हुए हैं। वैसे तो अभी तक हमले वाली जगह की साफ तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन प्लैनेट लैब्स की यह तस्वीरें बता रही है कि अप्रैल 2018 से जैस का मदरसा पहले की तरह अब भी सुरक्षित बरकरार है। मदरसों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उसके आसपास के पेड़ के हरे-भरे दिखाई दे रहे हैं। अब यह तस्वीरें कितनी सही है हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन अगर यह तस्वीरें सही हुई तो इस पर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय है। आपकी क्या राय है इस बारे में हमें कमेंट जरूर करें।




No comments:
Post a Comment