घर में अगर शादी हो तो सबसे मुश्किल काम होता है मेहमानों के लिस्ट बनाना। इन्विटेशन कार्ड देने में कोई छूट ना जाए इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। लिस्ट बहुत लंबी होती है ऐसे में गलती की गुंजाइश भी ज्यादा होती है और रिश्तो में इसका नुकसान भी होता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आप शादी में किसे-किसे बुला रहे हैं यह सरकार को भी बताना होगा? शायद नहीं। लेकिन अब आपको सरकार के मुताबिक मेहमानों की सूची तैयार करनी होगी। तो क्या है के पीछे की वजह आइए जानते हैं।
शादी ब्याह का मौका हो और जरूरत से ज्यादा लोग ना आए ऐसा हो ही नहीं सकता। अक्सर हम जितने लोगों को बुलाते हैं उससे ज्यादा ही लोग समारोह में शामिल होते हैं। दिल्ली सरकार ने शादियों और पार्टियों के वेन्यू को लेकर पॉलिसी तैयार की है। इस पालिसी के मुताबिक दिल्ली के किसी फॉर्म हाउस या होटल में आप कितने लोगों को बुलाएंगे इसका फैसला वेन्यू के फ्लोर एरिया और पार्किंग क्षमता के आधार पर किया जाएगा। फ्लोर एरिया को डेड स्क्वायर मीटर से विभाजित किया जाएगा और वेन्यू पर खड़ी होने वाली कारों की संख्या को 4 से गुणा किया जाएगा, जो भी आंकड़ा कम रहेगा उतनी ही अधिकतम संख्या में आप मेहमानों को शादी में बुला सकेंगे।
दिल्ली सरकार ने तो पॉलिसी शादियों और पार्टियों में खाने की बर्बादी और मेहमानों की गाड़ियों से लगने वाले जाम को दूर करने के लिए शुरू की है। जिसके तहत अब शादी व पार्टी में बचा खाना गरीबों को बांटा जाएगा और साथ ही शादी के वेन्यू के बाहर सड़कों पर कार पार्क करने की अनुमति भी नहीं होगी। आप कितने सहमत हैं दिल्ली सरकार के इस फैसले से? हमें कमेंट में जरूर बताएं।
शादी ब्याह का मौका हो और जरूरत से ज्यादा लोग ना आए ऐसा हो ही नहीं सकता। अक्सर हम जितने लोगों को बुलाते हैं उससे ज्यादा ही लोग समारोह में शामिल होते हैं। दिल्ली सरकार ने शादियों और पार्टियों के वेन्यू को लेकर पॉलिसी तैयार की है। इस पालिसी के मुताबिक दिल्ली के किसी फॉर्म हाउस या होटल में आप कितने लोगों को बुलाएंगे इसका फैसला वेन्यू के फ्लोर एरिया और पार्किंग क्षमता के आधार पर किया जाएगा। फ्लोर एरिया को डेड स्क्वायर मीटर से विभाजित किया जाएगा और वेन्यू पर खड़ी होने वाली कारों की संख्या को 4 से गुणा किया जाएगा, जो भी आंकड़ा कम रहेगा उतनी ही अधिकतम संख्या में आप मेहमानों को शादी में बुला सकेंगे।
दिल्ली सरकार ने तो पॉलिसी शादियों और पार्टियों में खाने की बर्बादी और मेहमानों की गाड़ियों से लगने वाले जाम को दूर करने के लिए शुरू की है। जिसके तहत अब शादी व पार्टी में बचा खाना गरीबों को बांटा जाएगा और साथ ही शादी के वेन्यू के बाहर सड़कों पर कार पार्क करने की अनुमति भी नहीं होगी। आप कितने सहमत हैं दिल्ली सरकार के इस फैसले से? हमें कमेंट में जरूर बताएं।




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