बीजेपी का यह पोस्टर अब पार्टी के लिए गले की फांस बन गया है। सवाल इस पोस्टर पर लिखे नारे को लेकर नहीं, सवाल उठे हैं इस पोस्टर में अभिनंदन की तस्वीर के इस्तेमाल पर। एक तरफ पीएम मोदी और अमित शाह की बड़ी तस्वीर है तो दूसरी तरफ पूरे पाकिस्तान में अपनी दिलेरी दिखाकर वतन लौटने वाले विंग कमांडर अभिनंदन की। तस्वीर वायरल होने के बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई है।
पोस्टर पर बवाल तब बड़ा जब स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग को एक किया, ट्वीट के जरिए उन्होंने बीजेपी के पोस्टर पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग को संबोधित करते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि कार्यरत जवान की तस्वीरें सियासी पोस्टर पर इस्तेमाल करना जायज है? अगर नहीं तो क्या आप इसके खिलाफ कार्यवाही करेंगे। बीजेपी का यह पोस्टर दिल्ली में लगा, बीजेपी पर एयर स्ट्राइक के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण करने के आरोप लगा तो इसे गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने देरी नहीं की और तुरंत सियासी दलों को फरमान जारी कर दिया।
चुनाव आयोग ने तुरंत आदेश देते हुए कहा कि राजनीतिक दल या उनके उम्मीदवार चुनाव से जुड़े मामलों में आर्मी चीफ या किसी दूसरे जवान की तस्वीरें या डिफेंस फोर्स के कार्यक्रमों की तस्वीरें विज्ञापन, प्रोपेगेंडा और चुनाव प्रचार के लिए किसी भी रूप में इस्तेमाल ना करें। मामला देश की सुरक्षा में लगे जवानों का है, देश की आन बान शान का है। ऐसे में किसी भी पार्टी के पोस्टर पर सेना के जवानों की ऐसी तस्वीरों के इस्तेमाल पर सवाल उठना लाजमी है।
कुछ दिन पहले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी पर भी सवाल उठे थे, उन्होंने तब सेना की वर्दी पहन कर एक रैली की थी। विरोधियों ने उन पर हमला बोला था। सेना के सम्मान में ऐसी वर्दी पहनने का हवाला देकर मनोज तिवारी ने तमाम विवादों को खारिज कर दिया था। मामला सेना के सम्मान का था, वर्दी तक तो बात ठीक थी लेकिन अभिनंदन की लगी तस्वीर ने नए विवाद को ला खड़ा किया है।
क्या सेना के जवानों की तस्वीरों का इस्तेमाल अपने सियासी फायदे के लिए करना सही है? आपकी क्या राय है इस बारे में हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।






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