क्या चुनावी चांद को निगल लेगा राहु? क्योंकि चुनाव का ऐलान चुनाव आयोग ने जिस समय तय किया, उस समय राहुकाल चल रहा था। हर एक रविवार को राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक होता है।
ज्योतिष गणना के अनुसार प्रतिदिन राहु अलग-अलग समय पर भारत के आगे से गुजरता है। ऐसे में गणना करें तो हर दिन सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे के बीच डेढ़ घंटे के लिए राहुकाल आता है। रविवार की बात की है जाए तो रविवार को हमेशा 4:30 से 6:00 तक राहुकाल होता है और उसी समय चुनाव की घोषणा हुई है। मान्यता के अनुसार कोई भी शुभ कार्य राहु काल में नहीं किया जाता है। कई राजनीतिक दलों की सांसें इसीलिए उखड़ी हुई है कि ऐसे अशुभ काल में चुनावी घोषणा और उसका मुहूर्त होना परेशान करने वाली चीज लग रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दलों की आशंका मतगणना के दिन सही साबित होती है या नहीं और किस राजनीतिक पार्टी के लिए राहु भारी हो सकता है। आपकी क्या राय है किस राजनीतिक पार्टी के लिए राहु अनिष्ट कारी साबित हो सकता है? हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।
ज्योतिष गणना के अनुसार प्रतिदिन राहु अलग-अलग समय पर भारत के आगे से गुजरता है। ऐसे में गणना करें तो हर दिन सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे के बीच डेढ़ घंटे के लिए राहुकाल आता है। रविवार की बात की है जाए तो रविवार को हमेशा 4:30 से 6:00 तक राहुकाल होता है और उसी समय चुनाव की घोषणा हुई है। मान्यता के अनुसार कोई भी शुभ कार्य राहु काल में नहीं किया जाता है। कई राजनीतिक दलों की सांसें इसीलिए उखड़ी हुई है कि ऐसे अशुभ काल में चुनावी घोषणा और उसका मुहूर्त होना परेशान करने वाली चीज लग रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दलों की आशंका मतगणना के दिन सही साबित होती है या नहीं और किस राजनीतिक पार्टी के लिए राहु भारी हो सकता है। आपकी क्या राय है किस राजनीतिक पार्टी के लिए राहु अनिष्ट कारी साबित हो सकता है? हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।




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