भले ही योगी सरकार साफ़ और स्वच्छ कुंभ का दावा कर रही हो और इस बात के दावे को पुख्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने कुम्भ में 1,20,000 से अधिक शौचालय बनाने की बात का खूब प्रचार किया था लेकिन सरकार के दावों की उस वक़्त हवा निकल गयी जब कुम्भ के पहले ही दिन हजारों शौचालय ख़राब पड़े मिले और कई श्रद्धालु खुले में ही शौच करते दिखाई दिए।
कुंभ के आयोजन को लेकर एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा गया था की- बीते सालों की तुलना में इस कुंभ मेले में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले कुंभ मेले में सिर्फ 34,000 शौचालय थे और इस वजह से श्रद्धालुओं को शौचालय की कमी की वजह से खुले शौच करना पड़ रहा था, लेकिन इस बार कुम्भ में 1,20,000 शौचालय योगी सरकार ने बनाए गए हैं और इनकी स्वच्छता बरक़रार रखने के लिए सफाई कर्मचरियो की संख्या में दोगुनी वृद्धि की गई है।
कुम्भ में स्वच्छता का यह दावा मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत किया गया और इन दावों का खूब प्रचार- प्रसार भी किया गया है। लेकिन पानी की कमी की वजह से कई शौचालय काम नहीं कर रहे हैं या उनमें बहुत गन्दगी है यहां तक की कई शौचालयों की दिवार का प्लास्टर भी उखड़ा मिला जिस वजह से श्रद्धालुओं के लिए इनका इस्तेमाल करना सम्भव नहीं था। इस बार के कुंभ मेले के लिए योगी सरकार ने अब तक 4200 करोड़ रुपये खर्च किये है जो की आज तक के किसी भी कुम्भ मेले में किये गए खर्च से कही अधिक है और ऐसे में स्वच्छता के इस हाल पर पर सवाल उठना तो लाज़मी ही हैं।
उम्मीद करते हैं दोस्तों की आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपका क्या कहना है इस बारे में हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं। ऐसी ही कई अन्य जानकारियों के लिए बने रहिए हमारे साथ क्योंकि आप हैं तो हम हैं।
कुंभ के आयोजन को लेकर एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा गया था की- बीते सालों की तुलना में इस कुंभ मेले में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले कुंभ मेले में सिर्फ 34,000 शौचालय थे और इस वजह से श्रद्धालुओं को शौचालय की कमी की वजह से खुले शौच करना पड़ रहा था, लेकिन इस बार कुम्भ में 1,20,000 शौचालय योगी सरकार ने बनाए गए हैं और इनकी स्वच्छता बरक़रार रखने के लिए सफाई कर्मचरियो की संख्या में दोगुनी वृद्धि की गई है।
कुम्भ में स्वच्छता का यह दावा मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत किया गया और इन दावों का खूब प्रचार- प्रसार भी किया गया है। लेकिन पानी की कमी की वजह से कई शौचालय काम नहीं कर रहे हैं या उनमें बहुत गन्दगी है यहां तक की कई शौचालयों की दिवार का प्लास्टर भी उखड़ा मिला जिस वजह से श्रद्धालुओं के लिए इनका इस्तेमाल करना सम्भव नहीं था। इस बार के कुंभ मेले के लिए योगी सरकार ने अब तक 4200 करोड़ रुपये खर्च किये है जो की आज तक के किसी भी कुम्भ मेले में किये गए खर्च से कही अधिक है और ऐसे में स्वच्छता के इस हाल पर पर सवाल उठना तो लाज़मी ही हैं।
उम्मीद करते हैं दोस्तों की आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। आपका क्या कहना है इस बारे में हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं। ऐसी ही कई अन्य जानकारियों के लिए बने रहिए हमारे साथ क्योंकि आप हैं तो हम हैं।





No comments:
Post a Comment