आपने कहावत तो सुनी ही होगी- "बर्बाद गुलिस्ता करने को बस एक ही उल्लू काफी था। यहां हर शाख पे उल्लू बैठा है। अंजामे गुलिस्तां क्या होगा" इस मुहावरे को समझना आपके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। ना मुश्किल है यह समझना के चुनाव से पहले नेता हर रस्साकशी के लिए तैयार हैं। चाहे उसके लिए देश और देश की सुरक्षा गर्त में ही क्यों ना चली जाए। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होंने फिर एक विवादित बयान देकर मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा यदि कोई सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहा है तो मोदी सरकार उसको सबूत देखकर उसका मुंह बंद कर दें।
उन्होंने इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बधाई भी दी। उन्होंने कहा तकनीकी युग में किसी से कुछ छुपा नहीं रह सकता। जिस तरह अमेरिका की सरकार ने ओसामा बिन लादेन के बारे में पूरे विश्व को सबूत दिया हमारे पीएम को भी दुनिया को एयर स्ट्राइक का सबूत देना चाहिए। पाकिस्तान के पीएम इमरान की तारीफ करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा बिना बारगेनिंग के भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने की वजह से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और उनके देश के कई लोग इमरान से नाराज हैं। फिर भी उन्होंने एक अच्छे पड़ोसी की मिसाल कायम करते हुए अभिनंदन को वापस किया और इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।
लेकिन उन्हें इसी बहादुरी के साथ हाफिज सईद और मसूद अजहर को भी हमें सौंप देना चाहिए। अब दिग्विजय सिंह के एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले बयान ने मध्यप्रदेश में तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश बीजेपी के नेता दिग्विजय सिंह के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्हें पाक परस्त कहने लगे हैं। बीजेपी के नेता का कहना है कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता इस देश की राजनीति में धीरे-धीरे काले धब्बे बनते जा रहे हैं। उनके लिए पाकिस्तान के प्रति प्रेम और पाकिस्तान में वोटों की फसल देखना आम बात हो गई है। ऐसा करते-करते वह सेना के मनोबल को तोड़ने और सैनिकों का अपमान करने का दुस्साहस भी करने लगे हैं।
कोई चाहे कुछ भी कहे लेकिन 2019 चुनाव से पहले सियासी पार्टियां जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। यह इस देश की विडंबना ही है तो है कि हमारे देश के दिग्विजय सिंह जैसे जिम्मेदार नेता पाकिस्तानी फौज और इमरान खान की बात तुरंत मान लेते हैं, लेकिन भारतीय फौज कुछ कहे तो उन्हें सबूत की जरूरत होती है। आपका क्या कहना है इस बारे में हमें कमेंट के माध्यम से बताएं।





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