राफेल सौदे को लेकर इस वक्त सियासी पारा गरमाया हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वहीं आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले कल केंद्र सरकार ने अदालत में हलफनामा दायर कर दिया है और इस हलफनामे में मोदी सरकार ने जो कुछ कहा है वह बेहद चौंकाने वाला है। राफेल मामले में जब से केंद्र सरकार ने दस्तावेज चोरी होने की बात कही है सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर यह कैसे हुआ? हालांकि पिछले दिनों केंद्र ने यू टर्न लेते हुए मामले में दस्तावेज चोरी होने के बजाय लिक होने की बात कही थी। अपनी सफाई के बाद सरकार की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है, जिसमें सरकार ने याचिकाकर्ताओं पर ही सवाल उठा दिए हैं।
रक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि इससे देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ। मंत्रालय ने बताया कि सरकार की अनुमति के बगैर राफेल लड़ाकू विमान डील के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी की गई, जिसे चोरी से ऑफिस से बाहर ले जाया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से साफ कहा है कि जिन लोगों ने याचिका में नत्थी करने के लिए बिना अनुमति के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी करने की साजिश की उन्होंने चोरी की है। यानी सरकार ने सीधे-सीधे याचिकाकर्ताओं यशवंत सिंहा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण को दोषी बताया है। केंद्र सरकार ने कहा कि दस्तावेज लीक किए जाने से संप्रभुता और विदेशी संबंधों पर विपरीत असर हुआ है, इसलिए इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
आपको बता दें इस मामले को लेकर सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि सरकार ने बड़ी धांधली की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि पीएम मोदी ने अपने दोस्त को फायदा पहुंचाने के लिए यह डील अनिल अंबानी को दिलाई। हालांकि पिछले साल दिसंबर में कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था मगर इसके बाद यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और इस मामले में हर बार नई-नई बातें सामने आ रही हैं। आपकी क्या राय है इस बारे में कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।
रक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि इससे देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ। मंत्रालय ने बताया कि सरकार की अनुमति के बगैर राफेल लड़ाकू विमान डील के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी की गई, जिसे चोरी से ऑफिस से बाहर ले जाया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से साफ कहा है कि जिन लोगों ने याचिका में नत्थी करने के लिए बिना अनुमति के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी करने की साजिश की उन्होंने चोरी की है। यानी सरकार ने सीधे-सीधे याचिकाकर्ताओं यशवंत सिंहा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण को दोषी बताया है। केंद्र सरकार ने कहा कि दस्तावेज लीक किए जाने से संप्रभुता और विदेशी संबंधों पर विपरीत असर हुआ है, इसलिए इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
आपको बता दें इस मामले को लेकर सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि सरकार ने बड़ी धांधली की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि पीएम मोदी ने अपने दोस्त को फायदा पहुंचाने के लिए यह डील अनिल अंबानी को दिलाई। हालांकि पिछले साल दिसंबर में कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था मगर इसके बाद यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और इस मामले में हर बार नई-नई बातें सामने आ रही हैं। आपकी क्या राय है इस बारे में कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।




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