दोस्तों नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी budget जल्द ही आने वाला है जो की अगले महीने 1 फरवरी को सदन में पेश होगा। ऐसे में माना जा रहा है आम चुनाव 2019 से पहले budget में मोदी सरकार आम आदमी यानी की मध्यम वर्ग को अपने पाले में लेने के लिए अच्छी खासी राहत दे सकती है। तीन महत्वपूर्ण राज्यों की सत्ता अपने हाथों से गंवा चुकी मोदी सरकार के लिए ये आखिरी मौका होगा मध्यम वर्गीय तबके की नाराज़गी दूर करते हुए उसे को खुश करने का।
अभी कुछ दिनों पहले ही अपनी इसी कोशिश में मोदी सरकार ने सवर्ण जातियों के आर्थिक रूप से कमज़ोर (ग़रीब) लोग जिनकी आय 8 लाख रुपये वार्षिक तक है उनको सरकारी नौकरियों और शिक्षा क्षेत्र में 10% आरक्षण दिया था। लेकिन विपक्षी दलों समेत सभी ने इसकी आलोचना की थी उनका कहना था की वर्तमान दरों के हिसाब से 8 लाख रुपये की आय वालों से 20% income tax वसूला जाता है जोकि उसकी कमाई का पांचवां हिस्सा है तो ऐसे में वह आर्थिक रूप से कमज़ोर (ग़रीब) कैसे माना जा सकता है।
माना जा रहा है मोदी सरकार इसी बात का जवाब देने के लिए कर मुक्त आय की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक कर सकती हैं। जो की अभी 2.5 लाख रुपये है और इसके अलावा income tax act की धारा 80 C के तहत निवेश में दी जाने वाली income tax छूट की सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर सकती है जिससे कि 8 लाख रुपये वार्षिक तक कमाने वालों को tax न देना पड़े।
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