हम सभी यह बात अच्छे से जानते हैं कि एक स्त्री बड़ी ही विचित्र होती है। उसको समझना बहुत ही कठिन है। ना आज तक उसे कोई समझ पाया है, ना उसकी शक्ति को माप पाया है , ना उसकी भावनाओं को रोक पाया है और न ही कोई उसकी सोच को रोक पाया है। जिन घरों में महिलाओं का सम्मान नहीं होता है उन घरों से खुशियां कोसों दूर चली जाती हैं। आज के इस लेख का टॉपिक है कि एक स्त्री का कौन सा भाग पवित्र होता है। तो आइए जानते हैं वह कौन सा स्थान है जहाँ से एक स्त्री पवित्र होती है।
हमारे ऋषि-मुनियों का कहना है। एक ब्राह्मण के पैर पवित्र होते है। एक गाय का पिछला भाग पवित्र होता है और एक बकरी या घोड़े का मुंह पवित्र होता है। लेकिन अगर एक औरत की बात की जाए तो एक स्त्री के सब स्थान से पवित्र होती है। इस विचारधारा को अपने मन से निकाल दें कि कोई स्त्री यहां से दूषित है या यहां से पवित्र नहीं है या किसी भी स्थान से पवित्र नहीं है।
एक स्त्री हर स्थान से पवित्र होती है। इसका एक जीवंत उदाहरण भी हमारे देश में देखने को मिलता है। हमारे देश के केरल राज्य में स्त्री की पूजा की जाती है। मां के रूप में, पत्नी के रूप में, लक्ष्मी के रूप में और वहां एक पुरुष अपनी स्त्री के पैर भी छूता है जो की उत्तर भारत में ऐसा करना पाप माना जाता है या तुच्छ माना जाता है। लेकिन केरल में यह सब किया जाता है। केरल को ईश्वर का अपना स्थान की संज्ञा भी दी गयी है। वहां भगवान क्यों ना वास करेंगे जहां स्त्रियों को इतना सम्मान होता हो, इतना बड़ा दर्जा दिया जाता हो। तो दोस्तों अंत में हम यही कहना चाहेंगे कि एक स्त्री हर स्थान से पवित्र होती है। उसका सम्मान करें। उसकी इज्जत करें और यह उनका हक़ भी है। धन्यवाद ।

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