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Thursday, November 8, 2018

जानिए क्यों मनाया जाता है भाई दूज का पावन त्‍योहार





आज पूरे देशभर में भाई दूज का त्‍योहार हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जा रहा है। भाई दूज का त्योहार भाई बहन के बीच के प्यार को और मजबूत करता है। यह त्योहार दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है।भैया दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं।  इस दिन बहनें भाइयों के स्वस्थ तथा लम्बी आयु होने की मंगल कामना करके तिलक लगाती हैं।आज के इस लेख में हम जानेंगे कि भाई दूज का त्यौहार क्यों मनाया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार भगवान सूर्य की पत्नी का नाम संज्ञा था। सूर्य की संज्ञा से दो संतानें थीं एक पुत्र यमराज और दूसरी पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य का तेज सहन न कर पाने के कारण अपने बच्चों को सूर्य को सौंपकर वहां से चली गई। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी।।यमराज अपनी बहन यमुना से बहुत स्नेह करते थे। परन्तु काम की व्यस्तता होने के कारण अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाते थे। कार्तिक शुक्ला के दिन यमुना ने यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए मिलने चले गए।  यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यमुना ने भाई के लिए खाना बनाया और आदर सत्कार किया।

यमुना के प्यार और आतिथ्य से यमराज ने खुश होकर बहन यमुना को खूब सारे भेंट दिए और साथ ही कोई भी वर मांगने का आग्रह किया। यमुना ने उनके इस आग्रह को सुन कहा कि अगर आप मुझे वर देना ही चाहते हैं तो यह वर दीजिए कि आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आएं और मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करे, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने यमुना को तथास्तु कह कर वर दिया और वह से अपने लोक को विदा ली । कहा जाता है इसी के बाद हर साल भाईदूज का त्यौहार मनाया जाता है। धन्यवाद।

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